झूठी या भ्रामक सूचना जो जानबूझकर साझा की जाती है उसे गलत सूचना तथा दुष्प्रचार
कहते हैं।
विदेशी सरकारें अपने हितों के लिए काम करने हेतु गलत सूचनाओं का प्रयोग कर सकती हैं। इससे व्यक्तियों और समुदायों को नुकसान पहुँच सकता है।
दुष्प्रचार की पहचान कैसे करें
यह तय करते समय कि क्या कोई जानकारी गलत सूचना है, ख़ुद से पूछें कि:
- क्या यह किसी विश्वसनीय स्त्रोत से है और अन्य भरोसेमंद समाचार वेबसाइट्स नें इसका सत्यापन किया है?
- क्या इसमें भावपूर्ण भाषा का उपयोग किया गया है और तथ्यों या प्रमाण को हटा दिया गया है?
- क्या इसमें स्पष्ट पक्षपात है, या विभिन्न विचारों पर ध्यान नहीं दिया गया है?
आपको यह भी विचार करना चाहिए क्या यह:
- कठिन मुद्दों के लिए सामान्य शब्दावली का प्रयोग करती है या भावनात्मक रूप से भड़काउ शब्दावली का इस्तेमाल करती है।
- बिना संदर्भ दिए या उन्हें स्वीकार किए बिना रूढ़ियों का उपयोग करती है।
- जो जानकारी सही नहीं है या पुरानी है उसकी बात करती है।
- तथ्यों पर ध्यान देने की बजाय बातों को बढ़ा-चढ़ा कर मुख्य समाचार के रुप में पेश करती है।
- ऐसी जानकारी है जिसमें शब्दों को गलत लिखा गया है या व्याकरण सही नहीं है।
- निम्न-गुणवत्ता वाले चित्रों को शामिल करती है, या इसमें ऐसे चित्र हैं जिन्हें देखकर लगता है कि उनके साथ छेड़छाड़ की गई ह।
फर्जी समाचारों की पहचान करने में आपकी सहायता के लिए ई-सुरक्षा आयुक्त के पास संसाधन उपलब्ध हैंः फर्जी समाचार और झूठी सूचना | ईसुरक्षा आयुक्त(Opens in a new tab/window)
चुनाव से संबंधित दुष्प्रचार
गलत सूचनाओं से लोगों के विचारों और व्यवहार पर गुप्त रूप से असर डालने के प्रयासों से ऑस्ट्रेलिया में चुनाव का सच्चापन कमज़ोर हो सकता है।
Electoral Integrity Assurance Taskforce(Opens in a new tab/window) [निर्वाचन संबंधी सत्यनिष्ठा आश्वासन कार्यबल] ने दुष्प्रचारों के बारे में एक तथ्य पत्र प्रकाशित किया है ।
ऑस्ट्रेलिया के फैडरल चुनावों के बारे में और अधिक जानकारी अतिरिक्त सहायता पृष्ठ पर मिल सकती है ।